April 7, 2026

 

(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)

बागेश्वर। अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड देहरादून तथा जिलाधिकारी बागेश्वर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जनस्वास्थ्य संरक्षण तथा औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औषधि निरीक्षक, बागेश्वर पूजा रानी द्वारा बैजनाथ, गागरीगोल एवं मन्यूडा स्थित औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का सघन औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के अंतर्गत विनिर्दिष्ट प्रावधानों के अनुरूप लाइसेंस शर्तों के अनुपालन, औषधियों के वैज्ञानिक भंडारण मानकों, आपूर्ति एवं वितरण प्रणाली तथा अभिलेख प्रबंधन प्रणाली का विस्तृत एवं तकनीकी सत्यापन किया गया।

निरीक्षण के क्रम में दो औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों में गंभीर प्रकृति की विनियामक अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें विशेष रूप से: सीसीटीवी का कार्य करता हुआ न पाए जाना, रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में औषधियों के क्रय-विक्रय, एक्सपायर्ड दवाओं का अनुचित भंडारण, क्रय विक्रय से सम्बन्धी अभिलेखों का मौके पर सत्यापन न करवाना, दवाओं का उचित तापमान पर भंडारण न करते हुई पाए जाना तथा मेडिकल स्टोर में उचित साफ सफाई न पाए जाना रहा।

सम्बन्धित मेडिकल स्टोरों द्वारा लाइसेंस की अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन एवंनिर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का अनुपालन न किया जाने तथा भंडारण एवं वितरण में गुणवत्ता आश्वासन मानकों की उपेक्षा
उक्त गंभीर अनियमितताओं के परिप्रेक्ष्य में, जनस्वास्थ्य हित में जोखिम न्यूनीकरण के उद्देश्य से संबंधित दोनों प्रतिष्ठानों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से औषधियों के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध अधिरोपित किया गया है।

यह आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक संबंधित फर्म स्वामियों द्वारा सक्षम प्राधिकारी के समक्ष संतोषजनक स्पष्टीकरण एवं विधिसम्मत अनुपालन प्रस्तुत नहीं किया जाता।

अतिरिक्त रूप से, निरीक्षण निष्कर्षों के जोखिम-आधारित मूल्यांकन के आधार पर एक प्रतिष्ठान के विरुद्ध अत्यंत गंभीर एवं प्रणालीगत अनियमितताओं के कारण लाइसेंस निरस्तीकरन की संस्तुति की गई है।

एक अन्य प्रतिष्ठान के विरुद्ध अनुपालन में महत्वपूर्ण विचलनों के कारण लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई है।

औषधि विभाग यह पुनः स्पष्ट करता है कि औषधियों के विनिर्माण, भंडारण, वितरण एवं विक्रय में स्थापित वैज्ञानिक एवं विनियामक मानकों का अनुपालन अनिवार्य है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन की स्थिति में कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जनस्वास्थ्य की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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