June 2, 2026

 

ब्लूबेरी और ट्राउट मछली से बदलेगी गांवों की किस्मत, हर विभाग को देनी होगी एक ‘इनोवेटिव योजना’, लेटलतीफी की तो खैर नहीं

सभी कार्यों का ग्राउंड पर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा: डॉ. आशीष चौहान

देहरादून। राजधानी के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रॉकेट की रफ्तार देने के लिए धामी सरकार और जिला प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूरा मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल समीक्षा बैठक में देहरादून के लिए ₹99.39 करोड़ (लगभग 100 करोड़ रुपये) के बजट को मंजूरी देते हुए सभी विभागों को कड़े और ऐतिहासिक निर्देश जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि अब सरकारी बजट फाइलों में बंद नहीं रहेगा, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीधे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

₹100 करोड़ के बजट का पूरा गणित (कहाँ, कितना होगा खर्च)

बैठक में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने बजट का पूरा ब्यौरा पेश किया, जो इस प्रकार है।

₹36.25 करोड़: नए विकास कार्यों और इनोवेटिव (अभिनव) प्रोजेक्ट्स के लिए।

₹15.93 करोड़: युवाओं और महिलाओं के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं के लिए।

₹10.39 करोड़: चालू और अधूरे पड़े सरकारी कामों को फटाफट पूरा करने के लिए।

‍पालक ₹37.19 करोड़: मानदेय और सरकार की वचनबद्ध (कमिटेड) योजनाओं के लिए।

ब्लूबेरी से लेकर ट्राउट मछली तक… ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहेगा फोकस।

देहरादून के गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और पलायन रोकने के लिए जिला प्लान में इन सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है।

प्रत्येक सरकारी विभाग को अपने क्षेत्र में कम से कम एक इनोवेटिव और सस्टेनेबल योजना अनिवार्य रूप से शामिल करनी होगी।

खेती और आजीविका: पारंपरिक खेती से हटकर ब्लूबेरी फार्मिंग (ब्लूबेरी फार्मिंग), पहाड़ों के ठंडे पानी में ट्राउट मत्स्य उत्पादन (ट्रॉउट फिश), पोल्ट्री फार्मिंग और गन्ना उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।

स्कूलों का कायाकल्प: शिक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि देहरादून का कोई भी सरकारी स्कूल बिजली, पानी या शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।

योजनाओं के चयन के लिए डीएम के ‘3 कड़े नियम

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जिला योजना में अब केवल उन्हीं प्रस्तावों को हरी झंडी मिलेगी जो इन 3 शर्तों को पूरा करेंगे।

भूमि उपलब्ध हो: प्रोजेक्ट के लिए जमीन पहले से तय होनी चाहिए।

कोई विवाद न हो: जमीन पूरी तरह से विवाद रहित होनी चाहिए।

समयबद्धता: काम इसी वित्तीय वर्ष या अगले वित्तीय वर्ष तक हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए।

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