March 2, 2026

 

अमित श्रीवास्तव, देहरादून

 

देहरादून। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार द्वारा उद्योग विभाग, उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से विश्व बैंक समर्थित ‘रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैंप) कार्यक्रम के तहत एक कम्पटीटिव कम्पोजिट वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य उत्तराखंड सहित देशभर में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाना और मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देना था।

कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की प्रमुख योजनाएं जैसे “एमएसएमई चौंपियंस योजना’ और ‘राष्ट्रीय एससी/एसटी हब योजना पर चर्चा की गई। इसके साथ ही रैंप कार्यक्रम की नई पहलें “एमएसई ग्रीन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंसिंग फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (एमएसई गिफ्ट)”, “एमएसई स्कीम फॉर प्रमोशन एंड इन्वेस्टमेंट इन सर्कुलर इकोनॉमी (एमएसई स्पाइस)”, “एमएसएमई ट्रेड एनेबलमेंट एंड मार्केटिंग (टीम)’ और ‘ऑनलाइन डिस्प्यूट रेजोल्यूशन स्कीमे फॉर डिलेयड पेमेंट्स के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में ट्रेड्स, ईएसजी और वित्तीय सहायता से जुडी जानकारियां भी साझा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनय शंकर पांडेय, सचिव, मुख्यमंत्री, एमएसएमई एवं औद्योगिक विकास, उत्तराखंड सरकार द्वारा कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 3.80 लाख एमएसएमई कार्यरत हैं। जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 47 प्रतिशत का योगदान करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार रैंप कार्यक्रम के तहत एमएसएमई की प्रतिस्पर्धा, स्थिरता और नवाचार बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर एमएसएमई को ऋण सुविधा, तकनीकी सहयोग और हरित उद्योगों की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

मंत्रालय की निदेशक अंकिता पांडेय ने उत्तराखंड सरकार की सक्रिय भागीदारी की सराहना की और कहा कि राज्य ने एमएसएमई के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में अच्छा कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई टीम पहल के माध्यम से डिजिटल व्यापार को बढावा दिया जा रहा है और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के जरिए एमएसएमई को नए बाजारों से जोड़ा जा रहा है। यह पहल राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को बाजार से जोड़ने का कार्य करेगी।

डा० सौरभ गहरवार, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग ने कहा कि उद्यमियों को एमएसएमई मंत्रालय की योजनाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए ताकि वे अपने व्यवसाय के साथ-साथ अपने आकार को और आगे बढ़ा सकें।

अनुपम द्विवेदी, संयुक्त निदेशक, उद्योग निदेशालय, उत्तराखंड सरकार ने कहा कि मंत्रालय द्वारा राज्य में रैंप गतिविधियों का. प्रभावी क्रियान्वयन और एमएसएमई को जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यशाला में सिडबी, एनएसआईसी. इनवॉइसमार्ट एंड पोलस्टार (ओएनडीसी सेलर नेटवर्क पार्टिसिपेंट) के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और वित्तीय सहायता, डिजिटल व्यापार और क्षमता विकास से जुड़ी जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एमएसएमई उद्यमियों, उद्योग संघों, केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियों,

बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। आईएयू के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, सीआईआई के निदेशक

गौरव लाम्बा, पीएचडीसीसीआई के निदेशक राजीव सिंह, लघु उद्योग भारती के केतन भारद्वाज, यूआईडब्ल्यूए के अध्यक्ष सुनील उनियाल, एसएएमयू के अध्यक्ष हरेन्द्र गर्ग, आईआईई के अध्यक्ष तरूण गोयल सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का समापन उत्तराखंड में एमएसएमई क्षेत्र की सतत और प्रतिस्पर्धी प्रगति के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *