February 6, 2026

देहरादून। उत्तराखंड ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट प्रशासनिक दक्षता और निवेश-अनुकूल नीतियों से देशभर में पहचान बनाई है। व्यापार सुधार कार्य योजना (बिज़नेस रेफॉर्म्स एक्शन प्लान – BRAP) 2024 के अंतर्गत राज्य को पाँच प्रमुख सुधार श्रेणियों में “टॉप अचीवर्स” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देश में किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को प्राप्त सर्वोच्च उपलब्धि है।

मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित “उद्योग समागम 2025” कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह पुरस्कार उत्तराखंड सरकार के उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे और महानिदेशक एवं आयुक्त (उद्योग) डॉ. सौरभ गहरवार को प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित रहे।

*पाँच सुधार क्षेत्र जिनमें उत्तराखंड को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ*
व्यवसाय प्रवेश (बिज़नेस एंट्री)

निर्माण परमिट सक्षमकर्ता (कंस्ट्रक्शन परमिट इनेबलर)

पर्यावरण पंजीकरण (एनवायरनमेंटल रजिस्ट्रेशन)

निवेश सक्षमकर्ता (इन्वेस्टमेंट इनेबलर)

श्रम विनियमन सक्षमकर्ता (लेबर रेगुलेशन इनेबलर)

यह उपलब्धि राज्य की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस (EoDB) यात्रा में एक ऐतिहासिक छलांग मानी जा रही है। वर्ष 2015 में जहाँ उत्तराखंड इस सूची में 23वें स्थान पर था, वहीं अब BRAP 2024 में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

राज्य सरकार ने व्यवसाय सुगमता को बढ़ाने के लिए पूरी प्रक्रिया का डिजिटलीकरण किया है — आवेदन, ऑनलाइन भुगतान, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, अंतिम स्वीकृति, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक। वर्तमान में 20 से अधिक विभागों की 200 से ज्यादा सेवाएँ एकल खिड़की प्रणाली (सिंगल विंडो सिस्टम) के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

इससे न केवल भौतिक संपर्क में उल्लेखनीय कमी आई है बल्कि पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि हुई है। इसमें राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई और विद्युत जैसे प्रमुख विभाग शामिल हैं।

निवेशकों की सुविधा हेतु राज्य ने “उत्तराखंड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप (यूके स्पाइस)” की स्थापना की है, जो निवेशकों को परियोजना सहायता और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।

उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने कहा मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में पाँच सुधार क्षेत्रों में शीर्ष उपलब्धि प्राप्त करना उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। 2015 में 23वें स्थान से राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर पहुंचना हमारी पारदर्शिता, दक्षता और निवेशक-केंद्रित नीतियों की सफलता को दर्शाता है। राज्य एक डिजिटल रूप से सशक्त और व्यवसाय-तैयार भविष्य की ओर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड का यह प्रदर्शन न केवल निवेश आकर्षण की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि सतत एवं समावेशी विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है।

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