
(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)
बागेश्वर। अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड तथा जिलाधिकारी बागेश्वर के निर्देशों के अनुपालन में जनसामान्य को गुणवत्तायुक्त, सुरक्षित एवं प्रभावी औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 एवं उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के प्रभावी अनुपालन के उद्देश्य से औषधि निरीक्षक, बागेश्वर पूजा रानी द्वारा कपकोट क्षेत्र में संचालित औषधि प्रतिष्ठानों का विस्तृत औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान औषधि प्रतिष्ठानों में औषधि अनुज्ञप्ति (ड्रग लाइसेंस) की शर्तों के अनुपालन का सत्यापन किया गया। साथ ही औषधियों की भंडारण व्यवस्था, तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण, एक्सपायरी मॉनिटरिंग, स्टॉक का समुचित रख-रखाव, क्रय-विक्रय अभिलेखों, वैधानिक रजिस्टरों एवं अन्य अनिवार्य अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
इसके अतिरिक्त यह सुनिश्चित किया गया कि औषधियों का विक्रय केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट की प्रत्यक्ष उपस्थिति एवं पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट के पंजीकरण प्रमाण-पत्र, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, औषधि अनुज्ञप्ति का प्रदर्शन, एक्सपायरी एवं क्षतिग्रस्त औषधियों का पृथक्करण, नियंत्रित औषधियों के सुरक्षित भंडारण तथा अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत निर्धारित अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन का भी सत्यापन किया गया।
विशेष रूप से मादक एवं मनःप्रभावी औषधियों (हैबिट फोरमिंग/साइकोटरोपिक प्रीपेरेशन्स) के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों, स्टॉक रजिस्टरों एवं वितरण अभिलेखों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। साथ ही एमटीपी किट तथा कोडीन युक्त औषधियों के विक्रय का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि इनका विक्रय केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध चिकित्सकीय पर्चे (वैलिड प्रिस्क्रिप्शन) के आधार पर ही किया जा रहा है तथा संबंधित अभिलेख नियमानुसार संधारित किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता निगरानी के अंतर्गत संदेह के आधार पर तीन औषधियों के नमूने विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए संग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु राजकीय औषधि विश्लेषणशाला प्रेषित किया गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत यदि कोई औषधि मानक गुणवत्ता (नोट ऑफ़ स्टैंडर्ड क्वालिटी) के अनुरूप नहीं पाई जाती है अथवा अधिनियम एवं नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन परिलक्षित होता है, तो औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान चार औषधि प्रतिष्ठानों में औषधि अनुज्ञप्ति की कुछ शर्तों तथा औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 एवं उसके अंतर्गत निर्मित कुछ नियमों के प्रावधानों के अनुपालन में कमियाँ एवं अनियमितताएँ परिलक्षित हुईं। उक्त अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अनुज्ञप्तिधारकों को सात दिवस के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण एवं अनुपालन आख्या कार्यालय में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक स्पष्टीकरण एवं अनुपालन प्राप्त न होने अथवा अनियमितताओं का समुचित निराकरण न किए जाने की स्थिति में संबंधित औषधि अनुज्ञप्तियों के निलंबन की संस्तुति सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित की जाएगी तथा अधिनियम एवं नियमों के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्यक वैधानिक नियामकीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
औषधि निरीक्षक, बागेश्वर ने बताया कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग जनस्वास्थ्य की सुरक्षा, औषधियों की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। औषधि आपूर्ति श्रृंखला में नियामकीय अनुपालन बनाए रखने तथा अधोमानक एवं spurious औषधियों की रोकथाम हेतु ऐसे जोखिम-आधारित (रिस्क – बेस्ड) निरीक्षण एवं गुणवत्ता निगरानी अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाते रहेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर वैधानिक एवं नियामकीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।







