
(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में आयोजित बैठक में सभी जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को आपसी समन्वय से लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनपद स्तर पर किसी प्रकरण के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। जिलाधिकारी संबंधित विभागाध्यक्षों से सीधे संवाद कर समस्याओं का समाधान कराएं। आवश्यकता होने पर विभागीय उच्चाधिकारियों से सीधे समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनपदों से संबंधित विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़कों, पुलों, भवनों और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जाना है, उनमें समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लंबित प्रकरणों की नियमित रूप से समीक्षा करें तथा जिन मामलों में विभागाध्यक्ष स्तर पर समन्वय की आवश्यकता है, उनमें सीधे संबंधित विभागाध्यक्ष से वार्ता कर समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि शासन और जनपदों के मध्य प्रभावी समन्वय से ही लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण संभव है।
उल्लेखनीय है कि जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को यह बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में जिलाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि इसके माध्यम से जनपदों के वर्षों से लंबित अनेक प्रकरणों का समाधान संभव हुआ है। नियमित समीक्षा और विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ सीधे समन्वय से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आई है।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल एवं राजेंद्र कुमार सहित विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, कमिश्नर कुमाऊँ दीपक रावत, कमिश्नर गढ़वाल आनन्द स्वरूप सहित जिलाधिकारी उपस्थित थे।






