July 17, 2026

 

(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)

हरिद्वार। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर ऋषिकुल चौक स्थित कश्यप घाट में जिला अधिकारी हरिद्वार के आदेशों के अनुपालन में, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी की प्रेरणा एवं नगर निगम हरिद्वार के उप आयुक्त श्री दीपक गोस्वामी के मार्गदर्शन में नगर निगम हरिद्वार, आईटीसी मिशन सुनहरा कल, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, बंधन, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन एवं आईजीडी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विशेष स्वच्छता अभियान, गाजर घास उन्मूलन तथा “एक वृक्ष माँ के नाम” थीम पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

हरेला उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है। यह पर्व हरियाली, नई फसल, समृद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। इस अवसर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जाता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया जाता है।

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कश्यप घाट परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर 37 कट्टे सूखा कचरा एकत्रित किया, जिसे वैज्ञानिक निस्तारण हेतु नगर निगम को सुपुर्द किया गया। साथ ही घाट परिसर में फैली गाजर घास का व्यापक उन्मूलन कर स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण बनाने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर स्थानीय दुकानदारों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गार्बेज बैग वितरित किए गए तथा उन्हें अपने प्रतिष्ठानों का कचरा निर्धारित स्थान पर एकत्रित कर नगर निगम के सहयोग से उचित निस्तारण कराने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के उप आयुक्त श्री दीपक गोस्वामी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, नगर निगम पार्षद श्री ललित रावत तथा उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने “एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत फलदार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने तथा हरिद्वार को स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित बनाने का संकल्प दोहराया। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी से ही स्वच्छ और सुंदर समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम का समापन “स्वच्छता ही सेवा, स्वच्छता ही संस्कार” तथा “एक वृक्ष माँ के नाम” के संदेश के साथ किया गया और सभी नागरिकों से हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने एवं उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया।

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