
सड़क पर पसरी गंदगी और केबिल बिछाने के काम में ढिलाई पर प्रशासन सख्त, 5 दिन का अल्टीमेटम जारी
विकास कार्य शहर की बेहतरी के लिए हैं, न कि जनता के लिए परेशानी का सबब: जिलाधिकारी
जो भी शर्तों का उल्लंघन करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी: डॉ. आशीष चौहान
(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)
देहरादून। राजधानी की सड़कों पर चल रहे निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार अब अफसरों को भारी पड़ने लगी है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ जीएमएस रोड से सहारनपुर चौक तक चल रहे भूमिगत विद्युत केबिल बिछाने के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों में लापरवाही और अव्यवस्था देख डीएम ने कड़ा रुख अपनाया है।
निरीक्षण और सख्त निर्देश
केबिल बिछाने के काम में अत्यधिक धीमी प्रगति और पर्याप्त मशीनरी न होने पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधीक्षण अभियंता का वेतन रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
5 दिन का अल्टीमेटम
प्रशासन ने अधिकारियों को 5 दिन के भीतर केबल बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने का कड़ा निर्देश दिया है।
सड़क की सफाई
कांवली रोड से सहारनपुर चौक तक सड़क पर बिखरे मलबे और निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए हैं, ताकि राहगीरों को आवाजाही में दिक्कत न हो।
रोड रिस्टोरेशन
केबल कार्य पूरा होते ही सड़क का हिस्सा तुरंत लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) को सौंपने को कहा गया है, ताकि मानसून से पहले सड़क की मरम्मत हो सके।
गैल को भी हिदायत
गैस पाइपलाइन के लिए सड़क की खुदाई करने वाली संस्था ‘गैल’ को भी अनुमति की शर्तों का पालन करते हुए कार्य पूर्ण कर सड़क पीडब्लूडी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि सड़कों की गुणवत्ता और मानकों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
प्रशासन द्वारा मानसून से पूर्व सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने स्वयं कार्यस्थलों की मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट लेने के आदेश दिए हैं ताकि देहरादूनवासियों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।





