
(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)
देहरादून। एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट, देहरादून में आज जवानों एवं कर्मचारियों के छोटे बच्चों की देखभाल एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ क्रेच का विधिवत शुभारंभ किया गया। क्रेच का उद्घाटन सेनानायक एसडीआरएफ, अर्पण यदुवंशी द्वारा किया गया।
एसडीआरएफ जैसे विशिष्ट एवं चुनौतीपूर्ण बल में जवानों को वर्षभर विभिन्न आपदा एवं रेस्क्यू अभियानों के साथ-साथ चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रभावित क्षेत्रों, नदी एवं पर्वतीय रेस्क्यू तथा अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटियों में अपनी सेवाएं देनी पड़ती हैं। कई अवसरों पर जवानों को लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसे में जवानों के परिवारों, विशेषकर छोटे बच्चों की देखभाल एवं सुविधाओं को बेहतर बनाना बल के मनोबल और कार्यक्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।
इसी उद्देश्य से एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट में क्रेच की स्थापना की गई है। यह क्रेच छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यहां बच्चों की देखभाल के साथ-साथ उनके आराम, मनोरंजन एवं दैनिक आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा, जिससे ड्यूटी पर तैनात जवान एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक निश्चिंत होकर कर सकें।
उद्घाटन के अवसर पर सेनानायक एसडीआरएफ, अर्पण यदुवंशी ने कहा कि एसडीआरएफ के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करते हैं। बल के जवानों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत बनाए रखने के लिए उनके परिवारों एवं बच्चों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्रेच की यह सुविधा जवानों के परिवारों के प्रति विभाग की संवेदनशील सोच और कर्मचारी कल्याण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय में क्रेच की सुविधा प्रारंभ होने से महिला कार्मिकों सहित ऐसे जवानों एवं कर्मचारियों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें छोटे बच्चों की देखभाल से संबंधित जिम्मेदारियों के कारण अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
इस मौके पर उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी , शिविरपाल आनंद सिंह रावत, सूबेदार सैन्यसहायक योगेन्द्र भंडारी और अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे ।
एसडीआरएफ द्वारा भविष्य में भी अपने जवानों एवं कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी एवं सुविधाजनक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।







