
(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)
टिहरी गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देशों के क्रम में परियोजना निदेशक, ज्योति एवं जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (रीप) ब्रह्मा कांत भट्ट द्वारा विकासखंड चंबा में क्षेत्र भ्रमण कर परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों, सामुदायिक संस्थाओं एवं व्यवसायिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुझाव भी दिए गए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान अभिनंदन आजीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित फ़ूड कार्ट का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने फूड कार्ट में संचालित गतिविधियों एवं टिफ़िन सर्विस की जानकारी लेते हुए कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। विशेष रूप से टिफिन सेवा की गुणवत्ता में सुधार तथा गतिविधि को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
इसके पश्चात एफपीओ कार्यालय एवं अभिनंदन सीएलएफ कार्यालय का निरीक्षण किया गया।
कार्यालय स्तर पर संचालित गतिविधियों, संबंधित कार्यों तथा आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। अभिनंदन सीएलएफ द्वारा संचालित डेयरी फार्मिंग गतिविधि का भी स्थलीय निरीक्षण कर किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया गया तथा गतिविधि को और अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
क्षेत्र भ्रमण के अगले चरण में हेवलघाटी सीएलएफ द्वारा संचालित वे साइड ईटरी , कृषि व्यवसाय केंद्र भंडारगांव, ब्लूबेर्री फार्मिंग तथा ग्राम गुनोगी में संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान विभिन्न आजीविका गतिविधियों की स्थिति, संचालन एवं भविष्य में उनके विस्तार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
परियोजना निदेशक एवं जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा संबंधित टीमों को गतिविधियों की गुणवत्ता, नियमित संचालन, बेहतर प्रबंधन एवं अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। साथ ही फ़ूड कार्ट की टिफ़िन सर्विस को और बेहतर एवं व्यवस्थित बनाने तथा सेवा की गुणवत्ता में सुधार करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसी क्रम में एफपीओ स्टाफ को निर्देशित किया गया कि 10 सितंबर तक सभी सीएलएफ से अधिक उत्पादन वाली फसलों का डेटा एकत्रित किया जाए। एकत्रित डेटा के आधार पर उत्पादों की उपलब्धता एवं आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एफपीओ अंतर्गत विभिन्न उत्पादों की सूची तैयार करने तथा उपयुक्त उत्पादों के चयन, संग्रहण एवं आगे की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त डेयरी फार्मिंग गतिविधि के निरीक्षण के दौरान रानी एसएचजी से संबंधित गतिविधियों का भी अवलोकन किया गया। परियोजना निदेशक द्वारा रानी एसएचजी को ब्लॉक स्तर पर गोबर एवं प्लांट उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए एसएचजी की आजीविका गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के संचालन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई तथा संबंधित टीमों को कार्यों की नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय एवं समयबद्ध रूप से दिए गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही परियोजना के अंतर्गत संचालित आजीविका गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा समुदाय को बेहतर लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
क्षेत्र भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान ब्लॉक टीम रीप, अभिनंदन सीएलफ टीम, हवालघाटी सीएलफ टीम उपस्थित रही।







