
डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून
पीक सीजन में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट, यातायात सुचारू रखने के लिए प्लान-ए और प्लान-बी किए गए तैयार
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा वर्तमान में अपने चरम पर है, जिसके चलते देश-विदेश से रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस बढ़ती भीड़ का सीधा असर अब राज्य के मुख्य प्रवेश द्वारों— देहरादून और ऋषिकेश की सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है, जहां कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए देहरादून जिला प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दी व्यवस्थाओं की जानकारी
यातायात की इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए किए जा रहे विशेष प्रबंधन कार्यों के संबंध में देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने विस्तृत जानकारी साझा की।
ट्रैफिक प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती
जिलाधिकारी ने बताया कि पीक सीजन के दौरान लगातार तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है। वर्तमान समय में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक प्रबंधन की है, जिसके लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन के स्तर पर एक विस्तृत कार्ययोजना पहले ही तैयार कर ली गई है।
प्लान-ए और प्लान-बी: वैकल्पिक डायवर्जन व्यवस्था लागू
सड़कों पर वाहनों के अत्यधिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने लचीली और प्रभावी रणनीति अपनाई है।
परिस्थितियों के अनुसार डायवर्जन
जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए ‘पैनल-ए’ और ‘पैनल-बी’ जैसे वैकल्पिक डायवर्जन प्लान तैयार किए गए हैं।
यात्रियों को असुविधा से बचाने का प्रयास
सड़कों पर वाहनों की संख्या और जाम की स्थिति को देखते हुए रीयल-टाइम में इन योजनाओं को धरातल पर लागू किया जा रहा है, ताकि मुख्य चौराहों पर जाम न लगे और यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
सड़कों पर मुस्तैद है पुलिस और प्रशासन
चारधाम रूट और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले संवेदनशील पैच पर अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड्स की तैनाती की गई है। प्रशासन ने स्थानीय जनता और बाहर से आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें और पुलिस द्वारा तय किए गए डायवर्जन मार्गों का उपयोग कर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।





