
(अमित श्रीवास्तव, देहरादून)
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर आज सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन निखिल शर्मा तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में जनपद हरिद्वार में ऑटो रिक्शा एवं विक्रम वाहनों द्वारा लिए जा रहे किराए की आकस्मिक जांच की गई। इस जांच में परिवहन निरीक्षक अनिल, निपुल एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने स्वयं आम यात्री बनकर ऑटो एवं विक्रम में यात्रा की, ताकि वास्तविक किराया वसूली की स्थिति का जायजा लिया जा सके।
आज की कार्रवाई में कुल 105 चालान काटे गए तथा 25 वाहन जब्त किए गए। जांच के दौरान रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक दो विक्रम वाहनों के चालकों द्वारा यात्रियों से 300 रुपये मांगे जाने की पुष्टि हुई, जबकि इस रूट का सामान्य निर्धारित किराया मात्र 50 रुपये है। अधिक किराया वसूलने के आरोप में दोनों विक्रम वाहनों को जब्त कर लिया गया है। चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इसी जांच में एक ई-रिक्शा को ओवरलोडिंग के आरोप में तथा दो ई-रिक्शा को बिना पंजीकरण के चलाने के आरोप में जब्त किया गया। अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली, ओवरलोडिंग तथा बिना पंजीकरण वाहन चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित के निर्देशानुसार ऐसी आकस्मिक जांच आगे भी जारी रहेगी, ताकि यात्रियों का शोषण रोका जा सके और परिवहन व्यवस्था नियमों के अनुरूप बनी रहे।
जनता से अपील है कि अधिक किराया वसूले जाने या नियमों का उल्लंघन देखने पर वाहन संख्या नोट कर परिवहन विभाग को सूचना दें।






